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हिमाचल पर्यटकों से गुलजार: परवाणू में 2 किमी लंबा जाम, मनाली-शिमला के होटलों में बढ़ी ऑक्यूपेंसी

➤ वीकेंड पर हिमाचल पहुंचे बड़ी संख्या में पर्यटक, प्रमुख पर्यटन स्थलों पर बढ़ी चहल-पहल
➤ परवाणू टोल प्लाजा पर करीब दो किलोमीटर लंबा जाम, शाम तक वाहनों की लगी कतारें
➤ मनाली में दो दिन में 4 हजार से अधिक पर्यटक वाहन पहुंचे, होटल ऑक्यूपेंसी 50 फीसदी से ज्यादा


शिमला/परवाणू/मनाली। वीकेंड के साथ ही हिमाचल प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों में सैलानियों की संख्या में तेजी देखने को मिली है। शुक्रवार को शिमला, मनाली, कसौली, धर्मशाला समेत कई पर्यटन स्थलों पर बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचे। पर्यटकों की बढ़ती आवाजाही का असर सड़कों पर भी साफ दिखाई दिया और कई जगहों पर वाहनों का दबाव बढ़ने से जाम की स्थिति बन गई। सबसे ज्यादा परेशानी परवाणू टोल प्लाजा पर देखने को मिली, जहां सुबह से वाहनों की संख्या बढ़ती गई और देखते ही देखते करीब दो किलोमीटर लंबा जाम लग गया। यह स्थिति शाम करीब चार बजे तक बनी रही। जाम में पर्यटकों के साथ स्थानीय लोग भी फंसे रहे और कई वाहन चालकों को लंबे समय तक सड़क पर इंतजार करना पड़ा।

परवाणू हिमाचल प्रदेश का प्रमुख प्रवेश द्वार है और वीकेंड पर मैदानी इलाकों से बड़ी संख्या में पर्यटक इसी मार्ग से प्रदेश में प्रवेश करते हैं। शुक्रवार को भी वाहनों का दबाव सुबह से बढ़ना शुरू हो गया था। टोल प्लाजा पर वाहनों की लंबी कतारें लगने के कारण यातायात की रफ्तार काफी धीमी हो गई। लंबे समय तक जाम में फंसे कुछ वाहनों के इंजन गर्म होने की स्थिति भी सामने आई और चालक अपने वाहनों को सड़क किनारे खड़ा करते नजर आए। इस दौरान पुलिस जवान यातायात नियंत्रित करने और वाहनों की आवाजाही सामान्य करवाने में जुटे रहे।

परवाणू टोल प्लाजा के प्रवेश द्वार पर पांच एंट्री पॉइंट होने के बावजूद भारी यातायात दबाव के बीच व्यवस्था प्रभावी नजर नहीं आई। जाम में फंसे कई पर्यटक टोल प्रबंधन की व्यवस्थाओं से नाखुश दिखाई दिए। प्रदेश में प्रवेश करने से पहले ही लंबे समय तक जाम में फंसने के कारण पर्यटकों को परेशानी उठानी पड़ी।

जालंधर से परिवार के साथ हिमाचल घूमने पहुंचे पर्यटक राजन शर्मा ने बताया कि छुट्टियां मनाने के लिए हिमाचल आए थे, लेकिन प्रदेश के प्रवेश द्वार पर ही जाम का सामना करना पड़ा। लंबे समय तक वाहन के साथ जाम में फंसे रहने से उन्हें निराशा हुई। उनका कहना था कि वीकेंड पर पर्यटकों की संख्या बढ़ने की संभावना पहले से रहती है, इसलिए यातायात व्यवस्था को उसी हिसाब से तैयार किया जाना चाहिए।

शिमला में भी बढ़ा पर्यटकों का दबाव

शिमला में भी शुक्रवार को पर्यटकों की आवाजाही बढ़ी। शहर के सर्कुलर रोड समेत कई हिस्सों में दिनभर वाहनों की आवाजाही अधिक रही, जिससे ट्रैफिक जाम की स्थिति बनी और स्थानीय लोगों के साथ पर्यटकों को भी परेशानी हुई।

पर्यटकों की बढ़ती संख्या का असर शिमला के होटल कारोबार पर भी दिखाई दिया। शुक्रवार को शहर में होटल ऑक्यूपेंसी करीब 70 प्रतिशत तक पहुंच गई। होटलियर एसोसिएशन शिमला के उपाध्यक्ष प्रिंस कुकरेजा के अनुसार शनिवार को भी ऑक्यूपेंसी बढ़ने की उम्मीद है। लंबे समय बाद बड़ी संख्या में पर्यटकों के पहुंचने से पर्यटन कारोबार से जुड़े लोगों में उत्साह देखने को मिला है।

पर्यटन कारोबारियों के लिए वीकेंड की यह बढ़ी हुई भीड़ महत्वपूर्ण मानी जा रही है। शिमला में होटल, रेस्तरां, टैक्सी और अन्य पर्यटन सेवाओं से जुड़े कारोबार पर पर्यटकों की संख्या बढ़ने का सीधा असर पड़ता है। पर्यटकों की आवाजाही बढ़ने से बाजारों और पर्यटन स्थलों पर भी रौनक बढ़ी है।

मनाली में दो दिन में पहुंचे चार हजार से ज्यादा पर्यटक वाहन

उधर, मनाली में भी वीकेंड के चलते पर्यटकों की भारी आमद देखने को मिली। दो दिनों में चार हजार से अधिक पर्यटक वाहन मनाली पहुंचे। इसके अलावा करीब 150 वोल्वो बसों के जरिए भी हजारों पर्यटकों ने मनाली का रुख किया। पर्यटकों की बड़ी संख्या के कारण माल रोड, शहर के बाजारों और प्रमुख पर्यटन स्थलों पर दिनभर चहल-पहल बनी रही।

लंबे समय से पर्यटन कारोबार में तेजी की उम्मीद लगाए बैठे कारोबारियों के चेहरों पर भी पर्यटकों की बढ़ती संख्या से रौनक लौटती दिखाई दी। मनाली पहुंचे पर्यटकों ने मौसम की ठंडक और पहाड़ों के प्राकृतिक नजारों का आनंद लिया। बड़ी संख्या में पर्यटक रोहतांग दर्रा, सिस्सू, अटल टनल और सोलंगनाला की ओर भी गए।

मौसम में ठंडक बढ़ने के साथ ऊंचाई वाले पर्यटन क्षेत्रों में पर्यटकों की दिलचस्पी भी बढ़ रही है। कई पर्यटक खास तौर पर बर्फबारी की उम्मीद में मनाली पहुंचे हैं। वहीं कुछ पर्यटक प्राकृतिक दृश्यों, ट्रैकिंग और साहसिक गतिविधियों का आनंद लेने के लिए पहाड़ी क्षेत्रों का रुख कर रहे हैं।

ट्रैकिंग रूट पर भी बढ़ी आवाजाही

मनाली पहुंचने वाले कई पर्यटक सामान्य सैर-सपाटे के साथ ट्रैकिंग को भी प्राथमिकता दे रहे हैं। बड़ी संख्या में पर्यटक हामटा और भृगु झील ट्रैकिंग रूट की ओर जाते नजर आए। ठंडी पहाड़ी हवाओं और प्राकृतिक सुंदरता के बीच पर्यटकों ने ट्रैकिंग का आनंद लिया।

रोहतांग और सिस्सू की ओर भी वाहनों की आवाजाही दिनभर बनी रही। अटल टनल पार कर लाहौल की ओर जाने वाले पर्यटकों में भी उत्साह देखने को मिला। सिस्सू पहुंचने वाले पर्यटकों ने प्राकृतिक नजारों के साथ स्थानीय पर्यटन गतिविधियों का आनंद लिया।

मनाली में बढ़ती पर्यटक संख्या का असर होटल कारोबार पर भी दिखाई दिया। वीकेंड के दौरान यहां होटलों की ऑक्यूपेंसी 50 प्रतिशत से अधिक रही। कई होटलों में कमरे पूरी तरह बुक होने की स्थिति भी सामने आई। पर्यटन कारोबारियों को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में पर्यटकों की संख्या में और बढ़ोतरी हो सकती है।

हिमाचल के अलग-अलग पर्यटन स्थलों पर एक साथ बढ़ी पर्यटकों की आवाजाही ने जहां पर्यटन कारोबार में रौनक बढ़ाई है, वहीं बढ़ते यातायात दबाव ने परिवहन और ट्रैफिक प्रबंधन की चुनौती भी सामने रखी है। परवाणू जैसे प्रवेश मार्गों पर लंबी कतारें और शिमला जैसे शहरों में ट्रैफिक दबाव यह दिखाता है कि वीकेंड पर पर्यटकों की बढ़ती संख्या के बीच यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखना भी महत्वपूर्ण रहेगा।